बैंक, बीमा और निवेश में दबी आपकी रकम—अब वापस मिलेगी आसानी से – Your Money Your Right

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देश में पहली बार भूली-बिसरी जमा पूंजी को वापस नागरिकों तक पहुँचाने के लिए एक बड़े वित्तीय जागरूकता अभियान की शुरुआत हो चुकी है। भारत सरकार द्वारा घोषित यह पहल न केवल आर्थिक पारदर्शिता की दिशा में कदम है, बल्कि उन असंख्य परिवारों के लिए राहत भी है, जिनकी मेहनत की कमाई सालों से रिकॉर्ड में पड़ी धूल खा रही थी।

हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में दिए गए संबोधन में बताया गया कि भारतीय बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में एक बड़ी राशि वर्षों से अनक्लेम्ड पड़ी हुई है। यह राशि किसी विदेशी खाते या किसी रहस्यमयी फंड की नहीं, बल्कि साधारण भारतीय नागरिकों की है।

78,000 करोड़ बैंक खातों में अटका — 14,000 करोड़ बीमा कंपनियों में अनक्लेम्ड

आंकड़े चिंताजनक हैं।
• बैंकों में लगभग 78,000 करोड़ रुपये बिना किसी दावे के पड़े हैं।
• बीमा कंपनियों में 14,000 करोड़ रुपये वर्षों से क्लेम न किए जाने के कारण रुके हुए हैं।
• म्यूचुअल फंड कंपनियों में करीब 3,000 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं।
• इसके अलावा 9,000 करोड़ रुपये डिविडेंड और शेयर से संबंधित अनक्लेम्ड रकम के रूप में दर्ज हैं।

यह वे राशि हैं जो कभी पॉलिसियों, निवेश योजनाओं, फिक्स्ड डिपॉजिट्स, सेविंग खातों या डिविडेंड्स के रूप में जमा की गई थीं, लेकिन जानकारी की कमी, परिवार के भीतर संवाद न होने या खाते बंद होने के बाद अपडेट न मिलने के कारण लोग इन्हें भूल गए।

पहली बार राष्ट्रव्यापी पहल: आपकी पूंजी, आपका अधिकार

स्थिति को सुधारने और नागरिकों को उनका वैध धन लौटाने के लिए अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया राष्ट्रीय अभियान ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पहल विभिन्न नियामक संस्थाओं—RBI, IRDAI, SEBI और MCA—के समन्वय से संचालित हो रही है।

सरकार का स्पष्ट संदेश है:
“आपका पैसा, आपका हक—अब लौटकर आएगा आपके पास।”

चार बड़े पोर्टल — एक क्लिक में खोजिए आपकी भूली राशि

इस अभियान के तहत नागरिकों को उनकी अनक्लेम्ड राशि खोजने में मदद के लिए अलग-अलग संस्थाओं द्वारा सरल और उपयोगकर्ता-हितैषी पोर्टल विकसित किए गए हैं। ये लिंक आधिकारिक स्रोतों से लिए गए हैं:

  1. अनक्लेम्ड बैंक डिपॉजिट्स (RBI – UDGAM Portal)
    https://udgam.rbi.org.in/unclaimed-deposits/
  2. अनक्लेम्ड बीमा राशि (IRDAI – Bima Bharosa Portal)
    https://bimabharosa.irdai.gov.in/
  3. अनक्लेम्ड म्यूचुअल फंड राशि (SEBI – MITRA Portal)
    https://app.mfcentral.com/
  4. अनपेड डिविडेंड और अनक्लेम्ड शेयर (IEPFA – MCA Portal)
    https://www.iepf.gov.in/

इन पोर्टलों पर नागरिक अपने नाम, जन्मतिथि या पैन जैसे विवरणों के माध्यम से यह ट्रैक कर सकते हैं कि कहीं कोई राशि उनके नाम पर अनक्लेम्ड तो नहीं पड़ी है।

477 जिलों में सुविधा शिविर — ग्रामीण भारत पर विशेष फोकस

अभियान को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए देशभर में अब तक 477 जिलों में विशेष शिविर लगाए जा चुके हैं। इनमें ग्रामीण, शहरी और दूरस्थ इलाकों को प्राथमिकता दी गई है।

बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड संस्थानों, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के सहयोग से इन कैंपों में नागरिकों को फॉर्म भरने, दस्तावेज़ अपडेट कराने और दावे दर्ज करने में सहायता दी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, जिन जिलों में बैंकिंग साक्षरता कम है, वहाँ विशेष मोबाइल टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि कोई भी नागरिक प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

अब तक 2,000 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके

अभियान का प्रभाव शुरुआती चरण से ही दिखाई दे रहा है।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये सही दावेदारों को सौंपे जा चुके हैं।

वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि यह शुरुआत है—धीरे-धीरे यह मुहिम देश के 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक अनक्लेम्ड धन को नागरिकों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगी।

कैसे छूट जाती है राशि? विशेषज्ञों ने बताए कारण

विशेषज्ञों के अनुसार अनक्लेम्ड राशि बढ़ने के कुछ मुख्य कारण हैं:
• परिवारों में निवेश की जानकारी का साझा न होना
• खाताधारक की मृत्यु के बाद नामांकित व्यक्ति को जानकारी न मिलना
• पते में बदलाव की सूचना बैंक या संस्था को न देना
• लंबे समय तक निष्क्रिय खाते
• पुराने समय की मैन्युअल रिकॉर्ड एंट्री, जिसे लोग भूल गए

वित्तीय संस्थानों को कड़े निर्देश

संबंधित नियामक निकायों ने सभी वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अनक्लेम्ड रकम खोज प्रक्रिया को सरल बनाएं और डेटा अपडेट को प्राथमिकता दें।
बैंकों को अब अनक्लेम्ड डिपॉजिट की सूची नियमित रूप से अपडेट करनी होगी।

IRDAI और SEBI भी बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड संस्थानों की निगरानी कर रहे हैं ताकि नागरिकों की किसी भी दावे की प्रक्रिया में देरी न हो।

देश की पारदर्शिता मिशन में महत्वपूर्ण कदम

यह पहल न केवल आर्थिक जिम्मेदारी का प्रमाण है बल्कि भारत की वित्तीय समावेशन नीति में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। अनक्लेम्ड राशि को उनके सही मालिकों तक पहुँचाना न केवल परिवारों की आर्थिक मजबूती बढ़ाएगा बल्कि वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ाएगा।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा और अधिक जिलों में शिविर लगाए जाएंगे।

निष्कर्ष

सरकार, नियामक संस्थाओं और वित्तीय संगठनों के संयुक्त प्रयासों से यह उम्मीद बढ़ी है कि नागरिकों की वर्षों से पड़ी भूली-बिसरी कमाई अब आसानी से उनके पास लौट सकेगी।
अभियान का लक्ष्य है कि कोई भी भारतीय अपनी जमा-पूंजी से वंचित न रहे।

देश भर में चल रहे प्रयासों से यह स्पष्ट है कि अनक्लेम्ड राशि की रिकवरी अब एक संगठित, पारदर्शी और राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया बन चुकी है।

Author

  • ishika roy

    I am a passionate content writer, weaving words with fervor and flair. With each sentence, I strive to captivate minds and stir emotions. Dedicated to the art of storytelling, my pen dances across the page, creating narratives that resonate and leave a lasting impact. In the realm of content, my passion is the driving force behind every piece I craft."

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